मुंगेली। जिले में स्मार्ट बिजली मीटर उपभोक्ताओं के लिए राहत के बजाय आफत साबित हो रहे हैं। ऐसा ही एक ताजा मामला सूरीघाट (तहसील व जिला मुंगेली) से सामने आया है, जहां पीड़ित उपभोक्ता महितोष बंजारा (34 वर्ष) ने कलेक्टोरेट जनदर्शन में पहुंचकर स्मार्ट मीटर की गड़बड़ी और बेतहाशा आ रहे बिजली बिल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
स्मार्ट मीटर लगते ही जेब पर डाका!
पीड़ित का आरोप है कि विद्युत विभाग द्वारा उनके घर में नया स्मार्ट मीटर स्थापित किए जाने के बाद से ही बिजली खपत का आंकड़ा अप्रत्याशित रूप से भाग रहा है। खपत सामान्य से कई गुना अधिक दर्ज हो रही है, जिससे हर महीने भारी-भरकम बिजली बिल थमा दिया जा रहा है। इस 'आर्थिक करंट' से उपभोक्ता का परिवार तंगहाली के कगार पर पहुंच गया है।
सरकारी सिस्टम की सुस्ती: 20 दिन बाद भी फाइलों में दबी रही शिकायत
हैरानी की बात यह है कि उपभोक्ता ने 21 जुलाई को ही जनदर्शन में गुहार लगाकर शिकायत (टोकन नंबर - 18533) दर्ज कराई थी। लेकिन विभागीय अनदेखी का आलम यह रहा कि इतने दिन बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। लाचार होकर उपभोक्ता को 11 अगस्त को दोबारा कलेक्टर के दरबार में दस्तक देनी पड़ी।
कलेक्टर से सीधी मांग: मीटर की हो जांच, वरना लौटाओ पुराना मीटर!

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